भोपाल 26 फ़रवरी 2026
विधानसभा कार्यवाही
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश आदर्श स्वास्थ्य मानकों को करें प्राप्त

विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की 22 हज़ार 362 करोड़ 57 लाख रुपए की अनुदान मांगों को किया पारित
उप मुख्यमंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग) राजेन्द्र शुक्ल ने विधानसभा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की अनुदान मांगों पर सदन के सदस्यों की चर्चा उपरांत वक्तव्य में कहा कि सभी सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि मध्यप्रदेश आदर्श स्वास्थ्य मानकों को प्राप्त करे। इसके लिए प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
मुख्या बिंदु
• चिकित्सकों और विशेषज्ञों की पर्याप्त उपलब्धता के लिए नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में प्रदेश में लगभग 1000 एमबीबीएस एवं 1 हज़ार पीजी सीटों की वृद्धि हुई है।
•स्वास्थ्य क्षेत्र के सशक्तीकरण के लिए निजी सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। धार, कटनी, बैतूल और पन्ना में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए एलओए जारी किए जा चुके।
• कुल 13 ज़िलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रगतिरत है। शीघ्र ही हर लोकसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज संचालित होंगे। इससे आगामी समय में पर्याप्त चिकित्सक और विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे।
•अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के साथ चिकित्सकीय मैन पावर की उपलब्धता के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में प्रदेश में 4 हज़ार चिकित्सक एवं विशेषज्ञ की भर्ती हुई है।
•सीएम केयर योजना में सभी मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय तृतीयक सेवाओं हार्ट, किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित ट्रॉमा सेंटर सशक्तीकरण के प्रावधान किए जा रहे हैं।
• यह हर्ष का विषय है कि अंगदान/ देहदान प्रोत्साहन से प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है। योजना के क्रियान्वयन से अब तक 1700 नागरिकों ने अंगदान की सहमति दी है।
•मध्यप्रदेश सरकार प्रिवेंटिव, क्यूरेटिव और जेरियाट्रिक तीनों क्षेत्रों में फोकस के साथ कार्य कर रही है।
• निरोगी काया अभियान, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, स्वस्थ यकृत मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उन्मूलन मिशन इन सभी अभियानों मध्यप्रदेश देश के अग्रणी रहा है।
•समस्त जनप्रतिनिधियों से स्वास्थ्य क्षेत्र की सेवाओं और अभियानों से अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
• प्रदेश में विगत वर्षों में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मैदानी कार्यकर्ताओं आशा और एएनएम की सक्रिय भागीदारी से हर गर्भवती महिला का पंजीयन सुनिश्चित कर नियमित एएनसी जांच की जा रही है जिससे सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
•अभी भी इस क्षेत्र में जागरूकता आवश्यक है। परिजन को जागरूक और संवेदनशील बनाना होगा जिससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन और उपयुक्त उपचार का सुव्यवस्थित प्रबंधन किया जा सके।
• वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सरकार द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। वृद्धजनों के लिए जिला चिकित्सालयों में 10 बिस्तरीय जेरियाट्रिक वार्ड / बेड चिन्हित किये गये है।
•जनवरी 2026 से HOPE कार्यक्रम के तहत निःशक्त एवं चलने-फिरने में असमर्थ वृद्धजनों को घर पर नर्सिंग देखभाल दी जा रही है।
• प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारी व आशा कार्यकर्ता भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा व उज्जैन में 2923 वृद्धजन पंजीकृत कर चुके हैं।
•आयुष्मान वय वंदना अंतर्गत 14.85 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं।
• विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की 22 हज़ार 362 करोड़ 57 लाख रुपए की अनुदान मांगों को पारित किया।
