भोपाल नगर निगम कमिश्नर को बड़ी राहत,करवाई हाईकोर्ट की रोक

भोपाल निगम कमिश्नर पर अवमानना कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच ने उस सिंगल बैंच के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी माना गया था।

क्या था मामला?

यह मामला मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड बनाम नगर निगम भोपाल से संबंधित है। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बैंच ने नगर निगम को अवैध निर्माण गिराने के मामले में दोषी ठहराया था। कोर्ट ने पाया था कि नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन नहीं किया, और सिविल कोर्ट में केस विचाराधीन होने के बावजूद बिना अनुमति तोड़फोड़ की।कंपनी ने दलील दी थी कि नगर निगम ने 18 नवंबर 2025 को उसकी संपत्ति के एक हिस्से को बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए तोड़ दिया था। वहीं, नगर निगम की ओर से दलील दी गई थी कि निर्माण अवैध था और 7 नवंबर 2024 को दी गई अनुमति रद्द की जा चुकी थी। निगम ने यह भी कहा कि 14 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।सिंगल बैंच का आदेश और कमिश्नर की पेशीसिंगल बैंच ने आयुक्त संस्कृति जैन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था और 6 फरवरी 2026 को सजा सुनाने के लिए सुनवाई तय की थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आयुक्त संस्कृति जैन खुद पेश हुईं और निगम की ओर से बिना शर्त माफी का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने शर्त रखी कि तोड़ा गया हिस्सा पहले जैसा बना दिया जाए, जिस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि तोड़े गए निर्माण को पहले जैसा नहीं किया जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखने को कहा था।डिवीजन बैंच का हस्तक्षेपभोपाल नगर निगम ने सिंगल बैंच के इस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बैंच में मामला उठाया। शुक्रवार को हुई सुनवाई में डिवीजन बैंच ने सिंगल बैंच के आदेश पर स्टे लगा दिया। बैंच ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की है।

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